उत्तरकाशी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते उत्तरकाशी जिले के चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक रूटों पर आवाजाही रोक दी गई है। गौमुख-तपोवन ट्रेक समेत केदारताल, कालिंदी खाल और उडनकोल जाने के लिए नए परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। पर्यटकों और ट्रेकर्स की सुरक्षा को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क और उत्तरकाशी वन प्रभाग ने यह निर्णय लिया है।
गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक मयंक कुमार ने बताया कि 29 अक्टूबर को हुई बर्फबारी के बाद गौमुख-तपोवन ट्रेक पर भारी मात्रा में बर्फ जमा हो गई है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग पर आवाजाही बंद रखी गई है। उन्होंने बताया कि मार्ग की स्थिति का आकलन करने और सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही इसे दोबारा खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा केदारताल, कालिंदी खाल और उडनकोल ट्रेक के लिए भी फिलहाल नए परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि नेलांग घाटी और गरतांग गली पर्यटकों के लिए खुले हुए हैं।
उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ जीवन मोहन दगड़े ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ट्रेकिंग मार्गों पर आवाजाही जोखिमभरी हो गई है। स्थिति सामान्य होने तक इन रूटों के लिए अनुमति जारी नहीं की जाएगी।
इस सीजन में ट्रेकिंग दोबारा शुरू होने की उम्मीद कम
गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में लगातार बदल रहे मौसम और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते इस सीजन में ट्रेकिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होने की संभावना कम है। मौसम के बार-बार बदलने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ जमा होने से ट्रेकिंग मार्गों को सुरक्षित बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में पर्यटकों और ट्रेकर्स को इस सीजन में इन उच्च हिमालयी मार्गों पर जाने का मौका मिलने की संभावना कम है। उन्हें अब अगले ट्रेकिंग सीजन का इंतजार करना पड़ सकता है।



