Monday, April 20, 2026
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शांतिकुंज खेल महोत्सव में उत्कृष्ट खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज और देव संस्कृति विश्वविद्यालय में शनिवार को शिक्षा, खेल और आधुनिक तकनीक के संगम का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। एक ओर शांतिकुंज में आयोजित खेल महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने एआई केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर आधुनिक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित सम्मान समारोह में संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी, प्रतिकुलपति चिन्मय पण्ड्या तथा महिला मंडल प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही अन्य प्रतिभागियों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। प्रतिकुलपति चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि खेल व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और शिक्षा के साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

इसी क्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों ने एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा आयोजित तथा इंफोसिस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एआई केंद्रित संकाय विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और भविष्य की पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षताओं से सशक्त बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान नवोन्मेषी और शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों, छात्रों की सहभागिता बढ़ाने, अधिगम परिणामों में सुधार, रोजगार तत्परता तथा 21वीं सदी के कौशलों पर विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम में डिजिटल उपकरणों, आईटी कौशल और शिक्षा में जनरेटिव एआई जैसे चैटजीपीटी के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। संकाय सदस्यों ने विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों के साथ विश्वविद्यालय के मूल्य-आधारित, समग्र और कौशल-उन्मुख शिक्षा के दृष्टिकोण तथा मिशन को भी साझा किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के बाद क्षेत्रीय प्रमुख विजय तथा राज्य प्रमुख अमित बख्शी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय का दौरा किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहलों, छात्र गतिविधियों तथा नवोन्मेषी अधिगम वातावरण की जानकारी ली। इस अवसर पर व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि, श्याम बिहारी दुबे, उदय किशोर मिश्र, संतोष सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता और प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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