देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा को अत्यंत दुःखद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता और राज्य सरकार की संवेदनाएं नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा प्रभावित लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल दो पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच साझा संस्कृति, परंपराएं, आस्था, सामाजिक सरोकार और आत्मीयता की गहरी डोर जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और नेपाल के बीच सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंध रहे हैं, जो दोनों क्षेत्रों के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं।
सीएम धामी ने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र का नेपाल के साथ विशेष और आत्मीय रिश्ता है। पिथौरागढ़, चंपावत सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के नेपाल से ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। ऐसे में नेपाल में आई आपदा का दुःख उत्तराखंड के लोगों के लिए अपने परिवार के किसी सदस्य के संकट में होने जैसा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की पीड़ा उत्तराखंड की पीड़ा है और संकट की इस घड़ी में राज्य की जनता अपने नेपाली भाई-बहनों के साथ पूरी संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ खड़ी है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां भारत और नेपाल दोनों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बनाती हैं। उन्हें विश्वास है कि नेपाल सरकार और प्रशासन के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएंगे तथा प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से नेपाल के शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने, प्रभावित लोगों के सुरक्षित होने और नेपाल में सामान्य स्थिति जल्द बहाल होने की कामना की।
