Sunday, April 26, 2026
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Faith: आस्था का सैलाब: 27वीं हजरत शुक्रूल्लाह शाह मस्तान बाबा का उर्स सम्पन्न

Faith: आस्था का सैलाब: 27वीं हजरत शुक्रूल्लाह शाह मस्तान बाबा का उर्स सम्पन्न

Faith: जनपद कुशीनगर के नगर पंचायत तमकुहीराज में हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल 27वीं हजरत शुक्रूल्लाह शाह मस्तान बाबा का उर्स पूरे अकीदत और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कुशीनगर के साथ-साथ आसपास के जिलों, बिहार और पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में जायरीन उमड़े, जिससे पूरा क्षेत्र श्रद्धा और भक्ति में सराबोर नजर आया।

चादरपोशी के साथ हुई उर्स की शुरुआत

उर्स की शुरुआत मगरिब की नमाज के बाद बाबा की मजार पर पारंपरिक चादरपोशी के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने मजार पर हाजिरी लगाकर अमन-चैन, खुशहाली और अपनी मुरादों की दुआ मांगी। पूरे मेला परिसर में भाईचारे, सौहार्द और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।

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मस्तान बाबा को ‘शहंशाह’ मानते हैं लोग

उर्स कमेटी के प्रबंधक मंजूर आलम एवं डॉ. हारून सिद्दीकी ने बताया कि वर्ष 1999 में मस्तान बाबा के इंतकाल के समय उनके जनाजे में लाखों अकीदतमंद शामिल हुए थे। तमकुही कस्बे से लेकर फतेह मेमोरियल इंटरमीडिएट कॉलेज तक जनसैलाब उमड़ पड़ा था, जहां नमाज-ए-जनाजा अदा की गई थी। इसी वजह से लोग उन्हें “तमकुहीराज का शहंशाह” भी कहते हैं।

जलसे में दिया गया अमन-भाईचारे का पैगाम

उर्स के दौरान आयोजित विशाल जलसे में क्षेत्र के प्रख्यात आलिमों ने शिरकत कर दीन, इंसानियत, अमन और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को सच्चाई, सद्भाव और ईमान की राह पर चलने की नसीहत दी।

जायरीनों के लिए लंगर और सेवा शिविर

जायरीनों की सुविधा के लिए उर्स कमेटी की ओर से निशुल्क लंगर, स्वच्छ पेयजल और मिष्ठान की व्यवस्था की गई। जगह-जगह सेवा शिविर स्थापित किए गए, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सम्पन्न हुआ आयोजन

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। तमकुहीराज थानाध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय, कस्बा चौकी इंचार्ज महेश कुमार मिश्रा एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी जयंत कुमार ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर मदरसा गौसिया इमदादुल उलूम के प्रबंधक कलाम आजाद, समाजसेवी मुनीर अहमद, अब्दुल मन्नान, इरशाद अहमद आजाद, गुड्डू शेख, इम्तियाज अंसारी, नसीम लारी सहित उर्स कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।

हर वर्ष की तरह इस बार भी उर्स ने समाज को एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया, जहां हर धर्म और समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर बाबा की मजार पर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

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