रिपोर्ट:-रविन्द्र कुशवाहा
Leopard सूरजनगर कुशीनगर। विशुनपुरा ब्लॉक के जड़हा और आसपास के गांवों में तेंदुओं की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में तेंदुए देखे जा रहे हैं। शुक्रवार की रात दो शावक दिखाई देने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में दो वयस्क और दो शावक समेत चार तेंदुए विचरण कर रहे हैं, लेकिन अब तक पिंजरा नहीं लगाया गया है। इससे नाराज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तेंदुओं को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगवाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।
बरवा पूर्दिल के ग्राम प्रधान प्रशासक विनोद कुशवाहा सहित राजेश कुशवाहा, हीरा, सुनील, राम, रामश्री, मुन्ना और बालगोविंद ने बताया कि शुरुआत में एक तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद दो और अब चार तेंदुओं के विचरण करने की जानकारी मिल रही है। इनमें दो बड़े तेंदुए और दो शावक बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद भी पिंजरा नहीं लगाया गया। इससे लोगों में भय के साथ आक्रोश भी बढ़ रहा है।तेंदुओं की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। लोग एक सप्ताह से पशुओं को चराने के लिए सरेह में नहीं जा रहे हैं। धान की कटाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं बच्चों को स्कूल भेजने में भी अभिभावकों को डर सता रहा है।
ग्रामीणों को आशंका है कि बाड़ी नाला की घनी झाड़ियों में चार तेंदुए छिपे हो सकते हैं।उधर डीएफओ वरुण सिंह के निर्देश पर तमकुहीराज,खड्डा,पडरौना और कसया रेंज के वनकर्मी लगातार क्षेत्र में कांबिंग कर रहे हैं। शनिवार को भी टीम ने बाड़ियों और बगीचों में तेंदुओं की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर तेंदुओं को चढ़ा देखा
शुक्रवार रात को ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर तेंदुओं को चढ़ा देखा था। वन विभाग के अनुसार बारिश और गन्ने की घनी फसल के कारण तलाश अभियान में कठिनाई हो रही है।पडरौना रेंजर अशोक यादव ने बताया कि वन विभाग की टीमें दिन-रात कांबिंग कर रही हैं। आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
चिन्हित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है। जल्द ही तेंदुओं को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सरेह में अकेले न जाएं और विशेष सतर्कता बरतें।



