Friday, August 28, 2026
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सौर ऊर्जा से रोशन होंगे सीमांत गांव, पिलंग-जड़ाऊ में शुरू हुए 102 किलोवाट संयंत्र

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के दुर्गम और सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रज्ञा संस्था ने एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से भटवाड़ी विकासखंड के पिलंग और जड़ाऊ गांव में 102 किलोवाट क्षमता के ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। इस परियोजना से दोनों गांवों को स्वच्छ, विश्वसनीय और सतत ऊर्जा उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही बिजली संबंधी समस्याओं में राहत मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत पिलंग गांव में 67 किलोवाट और जड़ाऊ गांव में 35 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही विद्युत वितरण नेटवर्क और सौर जल ताप प्रणाली भी विकसित की गई है। इन परियोजनाओं का उद्घाटन 26 और 27 अगस्त को आयोजित कार्यक्रमों में किया गया।

हिमालयी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की चुनौतियों को देखते हुए इस पहल को ग्रामीण विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑफ-ग्रिड प्रणाली के माध्यम से गांवों में स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के अंतर्गत स्थापित सौर जल ताप प्रणाली ग्रामीण परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। इससे सूर्य की ऊर्जा का उपयोग कर पानी गर्म किया जा सकेगा, जिससे ईंधन की खपत में कमी आएगी और लोगों के समय व संसाधनों की बचत होगी। ग्रामीणों का मानना है कि यह व्यवस्था दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ आर्थिक लाभ भी पहुंचाएगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि मुकेश, ब्लॉक प्रतिनिधि आशुतोष, प्रज्ञा संस्था के भूषण शाह सहित ग्राम प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं और ऐसी परियोजनाएं न केवल ऊर्जा उपलब्धता बढ़ाती हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु-अनुकूल विकास को भी मजबूती प्रदान करती हैं।

ग्रामीणों ने परियोजना का स्वागत करते हुए प्रज्ञा संस्था और एसबीआई फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा संयंत्रों और सौर जल ताप प्रणाली से गांवों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा भविष्य में क्षेत्र के अन्य दूरस्थ गांवों तक भी ऐसी योजनाओं का विस्तार होना चाहिए।

प्रज्ञा संस्था ने कहा कि एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, सामुदायिक भागीदारी और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संस्था ने भविष्य में भी उत्तरकाशी के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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