Monday, August 31, 2026
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नारायणबगड़ में अतिवृष्टि से तबाही, बाजार और हाईवे पर मलबा-बोल्डर, कई दुकानें क्षतिग्रस्त

चमोली (उत्तराखंड): चमोली जिले के विकासखंड नारायणबगड़ में गुरुवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अतिवृष्टि के चलते पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर बाजार क्षेत्र में आ गए, जिससे कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

बाजार और स्कूल परिसर में घुसा मलबा

बारिश के कारण नारायणबगड़ बाजार में दुकानों के अंदर मलबा भर गया और सड़क पर खड़े वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में भी भारी मलबा घुसने से विद्यालय को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों को पूरी रात भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हाईवे बाधित, यातायात प्रभावित

मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया, जिससे आवाजाही रुक गई। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और बीआरओ (BRO) की टीम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग खोलने का काम शुरू किया।

प्रशासन ने शुरू किया राहत और बहाली कार्य

क्षेत्रीय विधायक के अनुसार, BRO को तत्काल हाईवे से मलबा हटाकर यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित दुकानों और स्कूल परिसर से भी मलबा हटाने का कार्य जारी है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

हर साल दोहराता खतरा, स्थानीय लोगों की चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले 8–10 वर्षों से हर मानसून में इसी स्थान पर भूस्खलन और मलबा आने की स्थिति बनती रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थित है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

आपदा संवेदनशील चमोली में फिर उठे सवाल

चमोली जिला पहले से ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। पिछले वर्षों में थराली और चेपड़ों क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ था। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती की जाए ताकि आपदा की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू हो सके।

प्रशासन अलर्ट, नुकसान का आकलन जारी

फिलहाल प्रशासन हाईवे बहाली और नुकसान के आकलन में जुटा है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और स्थायी सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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