नगर क्षेत्र में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे सिंहधार वार्ड में भालू ने एक गौशाला में हमला कर गाय को मार डाला। गाय की आवाज सुनकर उसे बचाने के लिए गौशाला की ओर दौड़े पशुपालक परिवार के सदस्यों पर भी भालू ने हमला कर दिया। इस घटना में चार लोग घायल हो गए। इनमें दो की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब तीन बजे सिंहधार वार्ड में भालू गौशाला में घुस गया और गाय पर हमला कर दिया। गाय की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य उसे बचाने के लिए गौशाला की ओर दौड़े, तभी भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में बिन्देश कुमार के पैर पर गंभीर चोट आई, जबकि संतोषी देवी के हाथ पर भालू ने हमला कर दिया। इसके अलावा धमेश और ओमप्रकाश को भी चोटें आईं। परिवार के सदस्यों ने शोर मचाया तो भालू वहां से भाग गया। इसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. गौतम ने बताया कि भालू के हमले में घायल बिन्देश कुमार (37 वर्ष) और संतोषी देवी (26 वर्ष) को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि धमेश और ओमप्रकाश को हल्की चोटें आई हैं। घटना में गाय की मौत से पशुपालक परिवार को भी नुकसान उठाना पड़ा है।
वहीं, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप प्रभागीय वनाधिकारी सुमन ने बताया कि भालू की गतिविधियों को देखते हुए संभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा। साथ ही भालू को पकड़ने के लिए उसे ट्रैंक्विलाइज करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर क्षेत्र में लगातार भालू की सक्रियता से लोगों में भय बना हुआ है। खासकर सुबह और रात के समय घरों से बाहर निकलने वाले लोगों तथा पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। सिंहधार वार्ड की घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वन विभाग की ओर से जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि भालू के हमले की आशंका को कम किया जा सके और लोगों को राहत मिल सके।



