देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा के बीच कांग्रेस के प्रदर्शन पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। बिना अनुमति लोकभवन गेट पर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।
थाना कैंट में दर्ज FIR
यह मुकदमा कैंट थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर की तहरीर पर दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक कांग्रेस का कार्यक्रम घंटाघर से जिला प्रशासन कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाल कर ज्ञापन देने का था, लेकिन कार्यकर्ता तय रूट से हटकर सीधे लोकभवन गेट पर पहुंच गए और वहां नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरियर लांघ कर जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे सरकारी काम में बाधा पहुंची और यातायात भी प्रभावित हुआ। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को हटाया गया।
इन नेताओं पर दर्ज हुआ केस
एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि इस मामले में हरीश रावत, गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला, गरिमा दौसानी, पूर्व विधायक राजकुमार समेत 30 लोगों को नामजद किया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 – लोक सेवक को अपने कर्तव्य पालन से रोकने के लिए बल प्रयोग और धारा 223 – लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को दी गई है।



