Monday, August 31, 2026
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डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने किया ‘सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा’ स्मारक का लोकार्पण

हरिद्वार।
जम्मू-कश्मीर के कटरा क्षेत्र अंतर्गत धनौरी में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा स्थापित गायत्री चेतना केंद्र में रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच मां गायत्री एवं महाकाल शिव की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस अवसर पर गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई तथा युगऋषिद्वय की पावन स्मारक ‘सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा’ का लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि श्रद्धा, विश्वास और समर्पण मानव जीवन की सबसे बड़ी शक्ति एवं संपदा है। उन्होंने कहा कि त्रिकूट पर्वत के मध्य स्थित इस गायत्री चेतना केंद्र में आयोजित दिव्य प्राण-प्रतिष्ठा एवं जन्म शताब्दी की त्रिवेणी में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी श्रद्धा रूपी प्राण गुरुदेव को समर्पित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा की कृपा मनुष्य के समर्पण, साधना और आस्था पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि शांतिकुंज द्वारा स्थापित यह गायत्री चेतना केंद्र जम्मू-कश्मीर में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और नैतिक मूल्यों के विस्तार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुरूप मंत्रोच्चार, पूजन एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

यह आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं शैलदीदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जम्मू मंडल आयुक्त रमेश कुमार, विधायक बलदेव राज शर्मा, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष सचिन कुमार वैश्य, डीएम रियासी अभिषेक कुमार शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस दौरान अतिथियों को युग साहित्य भेंट कर युगऋषि के विचारों, संस्कृति और जीवन-दर्शन से जुड़ने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, समाज और मानवता के कल्याण हेतु सकारात्मक चिंतन एवं संस्कारयुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।

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