राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में ‘गंगासागर नमो नमः’ का लोकार्पण
Ganga Conservation: जन भवन परिसर, लखनऊ में गुरूवार को एक विशेष एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मा. राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में ‘गंगासागर नमो नमः’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर परिसर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला।
‘गंगासागर नमो नमः’ के लोकार्पण के माध्यम से गंगा और उससे जुड़ी भारतीय आस्था, संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया। गंगा भारतीय सभ्यता और संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर रही है और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में गंगा से जुड़े इस आयोजन को सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
कार्यक्रम के दौरान गंगा की महत्ता, उसके संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा मानी जाती है।
इसके संरक्षण के लिए सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
गंगा के प्रति श्रद्धा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। उनके समक्ष ‘गंगासागर नमो नमः’ का लोकार्पण किया गया, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने इस पहल को भारतीय संस्कृति और गंगा के प्रति श्रद्धा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में गंगा की निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखने के साथ ही जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी सामने आया। वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
गंगा के प्रति लोगों की धार्मिक और भावनात्मक आस्था के साथ-साथ इसका पर्यावरणीय महत्व भी बेहद व्यापक है। गंगा नदी का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने वाला रहा।
उपस्थित लोगों में उत्साह देखने को मिला
जन भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों में उत्साह देखने को मिला। ‘गंगासागर नमो नमः’ के लोकार्पण के साथ कार्यक्रम ने गंगा, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सम्मान एवं जागरूकता का संदेश दिया।
