Friday, August 14, 2026
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योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, व्यापार और श्रमिक हितों में संतुलन के लिए बड़े बदलाव

योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, व्यापार और श्रमिक हितों में संतुलन के लिए बड़े बदलाव

CM Yogi :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र को अपनाते हुए राज्य में औद्योगिक और श्रम सुधारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर गैर-आपराधिक श्रेणी में बदला जाए।

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इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा में ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक-2025’ पेश करेगी। इस कदम के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने की राह पर है, जो इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को व्यावहारिक रूप देगा।

कारावास की सजा खत्म, आर्थिक दंड को प्राथमिकता

प्रस्तावित विधेयक के तहत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम और क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम जैसे कानूनों में संशोधन किया जाएगा।

इनमें पहले कारावास की सजा का प्रावधान था, जिसे अब आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई से प्रतिस्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को हटाकर पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की जरूरत है।

ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और श्रमिक हितों का संतुलन

मुख्यमंत्री ने बैठक में जोर दिया कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूत करने के लिए नए सुधार जरूरी हैं। साथ ही, उन्होंने ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए उद्यमियों और श्रमिकों दोनों के लिए लाभकारी सुधारों पर बल दिया।

प्रस्तावों में शामिल हैं

  • फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाना।
  • दुकानों और प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव।
  • महिलाओं के लिए अधिक अवसर।
  • निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था।

निवेश मित्र 3.0: निवेशकों के लिए डिजिटल सुगमता

बैठक में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत निवेशकों के लिए आवेदन और अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। इसमें शामिल होंगी:

  • कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म और पैन-आधार आधारित पहचान।
  • स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता, और एआई चैटबॉट।
  • समयबद्ध सेवा वितरण और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण जल्द लॉन्च किया जाए, ताकि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूती मिले।

विभागों की राय और आपत्तियों पर विचार

बैठक में बताया गया कि विधेयक पर 14 विभागों से राय ली गई है, जिनमें से अधिकांश सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियां दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री ने इन आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार कर विधेयक को उद्योग और श्रमिक हितों के लिए संतुलित बनाने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश बनेगा सुधारों का मॉडल

इस पहल के साथ उत्तर प्रदेश न केवल निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनेगा, बल्कि श्रमिकों के कल्याण और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा। यह कदम राज्य को औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता के मामले में देश में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

 

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