मसूरी। शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। झूलाघर क्षेत्र में मसूरी पब्लिक स्कूल के सामने अनधिकृत रूप से निर्मित चार दुकानों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
यह कार्रवाई एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के निर्देश पर तहसीलदार उपेंद्र राणा के नेतृत्व में की गई। प्रशासनिक टीम रॉक स्टोन, अपर झूलाघर क्षेत्र में पहुंची, जहां संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा की ओर से किए गए अनधिकृत निर्माण के मामले में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन के अनुसार संबंधित प्रकरण में सुनवाई पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था। आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को 19 अगस्त को उपलब्ध कराई गई थी।
ध्वस्तीकरण आदेश में संबंधित पक्ष को 15 दिन के भीतर स्वयं अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि 2 सितंबर को समाप्त हो गई, लेकिन इसके बावजूद निर्माण को नहीं हटाया गया। प्रशासन के अनुसार ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ फिलहाल कोई स्थगनादेश भी प्राप्त नहीं हुआ था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एमडीडीए की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि मसूरी में अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले प्रशासन और विकास प्राधिकरण के स्तर पर विचाराधीन हैं। संबंधित मामलों में जांच और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा ने बताया कि संबंधित निर्माणकर्ता की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील दायर की गई थी, लेकिन अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है।
गौरतलब है कि मसूरी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन एवं नगर पालिका की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। इससे पहले मॉल रोड पर अवैध रूप से पटरी लगाकर कारोबार करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। उस दौरान कार्रवाई को लेकर नगर पालिका परिषद की टीम और कुछ लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी।
नगर पालिका की ओर से आरोप लगाया गया था कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ महिलाओं और एक अन्य व्यक्ति ने टीम को रोकने का प्रयास किया तथा सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अभद्रता की। कार्रवाई के दौरान जब्त सामान ले जा रहे वाहन को भी रोकने का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारियों में भी आक्रोश देखने को मिला था।
प्रशासन की ताजा कार्रवाई के बाद मसूरी में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों की जांच जारी है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
