नेपाल की त्रासदी से मौत के मुंह से लौटे तीन युवक, तीन अब भी लापता
Nepal Flood: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। सैलाब के बीच जिंदगी बचाने के लिए लोगों को पहाड़ों का सहारा लेना पड़ा। इस भयावह त्रासदी के बीच कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सुधियानी गांव के छह युवकों में से तीन सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं, जबकि उनके साथ गए तीन युवक अब भी लापता हैं।
मौत को बेहद करीब से देखकर लौटे आकाश, राजकुमार और अभिषेक तिवारी के चेहरे पर घर लौटने की खुशी तो है, लेकिन अपने साथियों के लापता होने का दर्द भी साफ नजर आ रहा है।
त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम करते थे छह युवक
सुधियानी गांव के छह युवक नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में स्थित 216 मेगावाट के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। अचानक आई बाढ़ के बाद परियोजना क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते चारों ओर पानी का सैलाब फैल गया और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए इन युवकों ने भी किसी तरह पहाड़ का रुख किया। करीब 24 घंटे तक उन्होंने पहाड़ पर रहकर अपनी जान बचाई। नीचे उफनती नदी और चारों तरफ तबाही का मंजर था, जबकि युवक खुले आसमान के नीचे मदद का इंतजार करते रहे।
हेलिकॉप्टर से हुआ रेस्क्यू
करीब 24 घंटे बाद कंपनी का हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा और युवकों को रेस्क्यू कर काठमांडू पहुंचाया गया। इसके बाद कंपनी की गाड़ी से उन्हें भारत-नेपाल सीमा तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
लंबे इंतजार के बाद आकाश, राजकुमार और अभिषेक तिवारी अपने गांव सुधियानी पहुंचे। घर की चौखट पर बेटों को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
तीन साथियों के लापता होने से अधूरी है खुशी
तीन युवकों की सकुशल वापसी के बावजूद सुधियानी गांव की खुशी पूरी नहीं है। उनके साथ नेपाल गए अमन गौंड, पंकज और अभय तिवारी का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
परिजनों को उम्मीद है कि रेस्क्यू अभियान के जरिए जल्द ही तीनों युवकों का पता लगाया जाएगा और वे भी सुरक्षित अपने घर लौटेंगे।
‘उस मंजर को शब्दों में बयां करना मुश्किल’
नेपाल से लौटे युवकों ने बताया कि बाढ़ के दौरान हालात बेहद भयावह थे। चारों तरफ पानी की तेज आवाज, लोगों की चीख-पुकार और जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश—हर पल मौत का डर बना हुआ था।
करीब 24 घंटे पहाड़ पर बिताना उनके लिए जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष जैसा था। राहत और बचाव दल की मदद से वे सुरक्षित बाहर निकल सके।
नेपाल की इस त्रासदी ने सुधियानी गांव के छह परिवारों को एक साथ खुशी और गम दोनों दिए हैं। तीन युवक अपने परिवारों के बीच सुरक्षित लौट आए हैं, जबकि तीन परिवार अब भी अपने बेटों की राह देख रहे हैं।
ग्रामीणों और परिजनों को उम्मीद है कि लापता अमन गौंड, पंकज और अभय तिवारी की जल्द तलाश हो जाएगी और उनके परिवारों को भी राहत की खबर मिलेगी।
